बदहाल सड़को से ही गुजरेंगे कांवड़िये

 

हरिद्वार।

जिला प्रशासन और राज्य सरकार के लिए प्रतिवर्ष कावड़ मेला एक बड़ी चुनौती होता है। जिसके लिए जिला प्रशासन करीब 3 महीना पहले से ही कावड़ियों के आने से पहले विभिन्न तैयारियां करता है। जिसमें सबसे बड़ी तैयारी धर्म नगरी की सड़कों और पार्किंग स्थलों को दुरुस्त करना है। जनपद के आला अधिकारियों द्वारा अधीनस्थों की लगातार बैठक मैं सुझाव निर्णय और खामियों पर चर्चा की जाती है ।करीब 3 महीना पहले से पैदल कावड़ियों के लिए कांवड़ पटरी भी तैयार की जाती है। और डाक कावड़ के लिए हाईवे रोड के गड्ढे भरे जाते हैं। बावजूद इसके बहुत सारे जानलेवा गड्ढे सड़कों में रह जाते हैं। यदि हम आधे अधूरे पड़े नेशनल हाईवे 58 की बात करें तो जिला प्रशासन लाख कोशिश करें परंतु इस आधे अधूरे पड़े हाईवे के गड्ढे कार्यदाई संस्थाएं भर नहीं पा रही है। 
प्रेम नगर चौक के निकट हाईवे का वह सहायक मार्ग जिस पर दिल्ली से हरिद्वार की ओर आने वाला पूरा ट्रैफिक पुलिस द्वारा भेजा जा रहा है। उसमें कई स्थानों पर गड्ढे पड़ गए हैं। जिसमें एक नहर के ऊपर बनाए गए गये पुल के बराबर से बारिश से सड़क धंसने से करीब 8 फुट गहरा गड्ढा हो गया है 3 दिन तक इस गड्ढे के खुले रहने के बाद भी जब हाईवे अथॉरिटी ने इसे कोई संज्ञान नहीं लिया तो मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों ने उसके ऊपर बेरीगेट रखकर वहां से गुजरने वाले यात्रियों को यह तो दर्शा दिया की गड्ढा है सावधान रहें परंतु हाईवे अथॉरिटी ने 5 दिन बीतने के बाद भी इस गड्ढे को भरने की कोई सुध नहीं ली।
वही प्रेम नगर चौक पर ही नए हरिद्वार की तरफ जाने वाले पुल से पहले भी सड़क पूरी टूटी हुई है जिस में पत्थर निकल कर सड़क पर बिखरे हुए हैं। उस पर भी आज तक कोई पैच वर्क नहीं किया गया। जबकि प्रशासन द्वारा दावे किए जा रहे हैं कि कांवड़ मेले की तैयारियां पूर्ण होने पर है। वही हाईवे से कनखल की ओर जाने वाले एकमात्र रूट की तो होटल जानवीडेल के नीचे आने वाला संत महेंद्र सिंह मार्ग में जगह-जगह से टूट चुका है उसमें भी बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जो स्थानीय लोगों के लिए दुर्घटना का विषय बने हुए हैं।