प्रकृति की मार, किसान बेहाल

राजीव शास्त्री।
हरिद्वार/बहादराबाद।
बुधवार की रात हुई बारिश से जहां बढ़ती गर्मी से लोगों को काफी राहत मिलने से मसँ सुहावना हो गया है वहीं बहादराबाद के हजारों किसानों को आफत में डाल दिया है। इन दिनों जहां हजारों कृषक छह माह की मेहनत गेहूं की फसल को काटने की तैयारी में है। वहीं बारिश उनके पूरे काम में खलल डालती हुई उनकी मेहनत को मिट्टी में तबदील कर रही है। इससे किसानाें कारोबारियों में तनाव है।
बुधवार देर रात क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। इससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बुधवार को एकाएक छाए बादलों और उसके बाद बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया। बारिश का क्रम थोड़ी-थोड़ी देर बाद जारी रहा। इस बार रबी के सीजन में समय-समय पर हुई बारिशों के चलते बंपर पैदावार की उम्मीद थी। इतना ही नहीं इस साल पिछले सालों के मुकाबले पीला रतुआ रोग को भी नियंत्रण में रखने में कृषि विभाग और कारोबारियों को काफी कामयाबी मिली थी।
मेहनत का फल मिलने के समय हुई बारिश ने पूरा खेल खराब कर दिया है। क्षेत्र के किसान राणा नन्द लाल, जसवंत, जयदेव सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र राणा,चरण सिंह,विजयपाल सिंह, शशिपाल, राम सिंह, सुभाष चंद का कहना है कि किसानों को इस बार गेहूं की फसल से अच्छी पैदावार होने की संभावना है। लेकिन बारिश ने सारा काम खराब कर दिया है। बारिश के चलते क्षेत्र के किसानों में मायूसी साफ देखी जा रही है।वहीं मौसम विशेसज्ञों का कहना है कि अभी आगे भी ओलावृष्टि व अंधड़ चलने का अनुमान है,किसानों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो गेंहू की फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।