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चार धाम यात्रा व्यवस्था धड़ाम

हरिद्वार।

मैदानी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के चलते हर कोई राहत पाने को उत्तराखंड और हिमांचल की ओर आ रहा है। जिसके चलते उत्तराखंड में व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। भगवान के दर्शन कम पर्यटन का लुत्फ़ उठाने वालों की भीड़ के कारण स्थानीय जनता को भी कठनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बद्रीनाथ ओर हेमकुंड यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सड़कों पर ही रात बितानी पड़ रही है। हालांकि प्रशासन ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जोशीमठ सहित कई स्थानों पर स्कूलों में भी ठहरने की व्यवस्था की है। लेकिन जो यात्री रास्तो में फंसे है। उन्हें इस व्यवस्था का कोई लाभ नही है। हालात ये है कि जोशीमठ ओर उससे पहले के रास्ते मे पड़ने वाले पैट्रॉल पम्पो पर पेट्रोल और डीज़ल के लिए दो-दो दिन तक लाइन में यात्रियों को खड़े रहना पड़ा। जो वीडियो आप देख रहे है यह 7 जून को हेमकुंड जा रहे एक श्रद्धालु ने बना कर वायरल की थी साथ मे लिखा था।

“की बद्रीनाथ ओर हेमकुंड की यात्रा में ना जाये पेट्रोल की बहुत दिक्कत हो रही है। लोग दो दिन से पेट्रोल पंपों पर ही इंतज़ार कर रहे है। पूरी जानकारी प्राप्त करके ही जाए”
प्रदेश सरकार द्वारा चार धाम यात्रा में चलने वाले हरियाणा पंजाब दिल्ली के प्राइवेट वाहनों यात्रा में न चलने देने का निर्णय सराहनीय कदम है। परंतु चारधाम यात्रा ओर बढ़ती भीड़ को लेकर नियम परिवर्तन अति आवश्यक हो गए है। प्रदेश सरकार को अन्य पहाड़ी राज्यो की तर्ज पर बाहरी वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंद लगाना ओर उत्तराखंड परिवहन सेवा को बढ़ावा देना चाहिए। जिससे चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को भी ट्रेवल व्यवसायियो की मनमानी ओर ठगी से राहत मिलेगी। वही राजस्व में भी कई गुना बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में यात्रा में चलने वाले चौपहिया वाहनो को भी शोषण से छुटकारा मिलेगा।