पोक्सो एक्ट..! जागरूकता की कमी या सिस्टम की लापरवाही
पॉक्सो एक्ट सख्त किये जाने के बाद भी मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में कमी आने के बजाए इजाफा ही हुआ है। जिसका सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। प्रतिदिन मासूम बच्चियों के दुष्कर्म की घटनाओ से समाज का हर व्यक्ति व्यथित है। लेकिन दुष्कर्मी को अरबी देशों की तर्ज पर सजा देने को भारतीय कानून व्यस्था इजाजत नही देती है। लेकिन जब इस मुद्दे पर सरकार और कानून ऐसी दुर्घटनाओं को घटने से रोकने में असमर्थ हो रहे है तो लाजमी है कि समाज मे आक्रोश पैदा होगा ही। एक न्यूज चैनल द्वारा एक संगठन के नेतृत्व करता का वीडियो इन दिनों शोसल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिनकी पीड़ा मासूम बच्चियों की सिसकियों के साथ जुड़ी है। लेकिन उनका दुष्कर्म के आरोपित के साथ किये जाने वाले व्यवहार को भारतीय कानून इजाजत नही देता है। यहां नेता जी ने अपने संगठन की ओर से दुष्कर्म के आरोपित का सर काटने वाले को 25 लाख ओर मुकदमा लड़ने की जिम्मेदारी लेने का एलान किया है। इससे साफतौर पर जाहिर हो रहा है कि कानून बनाने के बाद भी सरकार इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में नाकाम हो रही है। और अब समाज खुद इन घटनाओं से दो चार होने को तैयार हो चुका है।


