श्री गंगा सेवा एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति “मुनी की रेती” के द्वारा स्पर्श गंगा स्थापना दिवस पर किया गया गोष्ठी का आयोजन

ऋषिकेश 17 दिसंबर 2020!
मुनी की रेती श्री गंगा सेवा पर्यावरण सुरक्षा समिति के द्वारा आज 17 दिसंबर को स्पर्श गंगा स्थापना दिवस के अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया! जिसमें वक्ताओं ने गंगा की स्वच्छता पवन था एवं निर्मलता पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक एवं स्पर्श गंगा के सदस्य चंद्रवीर पोखरियाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गंगा अमृत राय नहीं है जो संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए अवतरित हुई है! स्पर्श गंगा दिवस के अवसर पर हम सबको याद संकल्प लेना है कि हम गंगा की स्वच्छता इसकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्प होकर अपना कर्तव्य निभाएंगे इसके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ और साफ रखेंगे ताकि इसकी पवित्रता बनी रहे।
स्पर्श गंगा स्थापना दिवस के अवसर पर समिति के अध्यक्ष दिनेश डबराल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल किसी संस्था या व्यक्ति विशेष के माध्यम से नहीं हो सकती है इसके लिए प्रत्येक जनमानस की जवाबदारी होनी चाहिए कि वह गंगा को मां का दर्जा देकर उसकी पवित्रता को उसकी स्वच्छता को बनाए रखने में अपना योगदान दें।
समिति के सचिव पंडित रवि शास्त्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन स्पर्श गंगा अभियान की स्थापना दिवस का है जिसका उद्देश्य संपूर्ण उत्तराखंड के छोटी छोटी नदियों को भी स्वच्छ और पवित्र रखने का निर्णय लिया गया है जितने भी धाराएं गंगा में मिलती है उन सब को स्वच्छ रखना सब का नैतिक दायित्व है।
इस अवसर पर समिति के सदस्य अशोक क्रेजी , आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल, ललित पवार, डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल हरि स्वरूप उनियाल मनोज मलासी गोपाल चौहान आदि ने अपने विचार व्यक्त किए ।
