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400 श्रमिक परिवारों तक पहुंचा सरकार का लाभ, ऋषिकेश में विशेष कल्याण शिविर

ऋषिकेश

उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और श्रम विभाग की ओर से बुधवार को आशीर्वाद वाटिका, हरिद्वार रोड, पुरानी चुंगी के निकट विशेष श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ऋषिकेश क्षेत्र के करीब 400 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों ने पात्र श्रमिकों एवं उनके परिजनों को विभिन्न योजनाओं के तहत आवश्यक सामग्री वितरित की।
शिविर में मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री पोषण सामग्री योजना, मुख्यमंत्री शिक्षण सामग्री योजना और मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सामग्री उपलब्ध कराई गई। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा स्वच्छता से संबंधित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि निर्माण श्रमिक प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण और पात्रता के आधार पर अधिक से अधिक श्रमिक परिवारों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
महापौर शंभू पासवान ने कहा कि श्रमिक समाज के निर्माण और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार एवं संबंधित विभागों की ओर से किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविरों से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचता है।
शिविर में बड़ी संख्या में पंजीकृत श्रमिक और उनके परिजन पहुंचे। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ सामग्री वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से पूरा कराया।
लाभ प्राप्त करने वाले श्रमिकों ने योजनाओं को उपयोगी बताते हुए सरकार और संबंधित विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और स्वच्छता से जुड़ी सहायता से श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ बच्चों और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।