उत्तराखंडदेहरादूनरुड़कीहरिद्वार

पूज्य संत हमारे राष्ट्र की संस्कृति सम्मान और आत्मा! ”अजीत डोभाल,,

ऋषिकेश, 24 अक्टूबर 2020 नवरात्रि पर्व के अष्टमी और नवमी के अवसर पर आज परमार्थ निकेतन में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल ने की सपरिवार गंगा आरती!

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि भारत के एक ऐसे व्यक्तित्व है जिन्होंने देश की सुरक्षा हेतु अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। भारतीय सुरक्षा और सैन्य ऑपरेशनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वे कई ऑपरेशनो के मुख्य सलाहकार और वार्ताकर रहे और राष्ट्र हित के कई मिशन को सफल बनाया और भारत माता की सुरक्षा के लिये भारतीयों की सुरक्षा के लिये अपनी पूरी टीम के साथ चैबीस घन्टे तैयार रहते है। डोभाल जी ने कर्मनिष्ठा और देशभक्ति से हमें एक नया परिचय दिया। उनकी देश के प्रति निष्ठा अद्भुत है।
अजीत डोभाल ने माँ गंगा के तट से अपने संस्कारों और धर्म को आगे ले जाने वाले ऋषिकुमारों और देशवासियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि हम राष्ट्र की सुरक्षा नहीं बल्कि राज्य की सुरक्षा करते है। राष्ट्र की सुरक्षा तो पूज्य संत करते है। पूज्य संत हमारे राष्ट्र की संस्कृति, संस्कार और आत्मा है। भारत की संस्कृति और संस्कारों का निर्माण पूज्य संतों ने किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण आत्मशक्ति से होता है। राष्ट्र निर्माण के लिये पूज्य स्वामी जी का महत्वपूर्ण योगदान है। स्वामी विवेकानन्द और संतों ने हमारे राष्ट्र और राष्ट्रभक्ति को जीवंत बनाये रखा। डोभाल जी ने कहा कि माँ गंगा हमारी धरोहर है। और हमारी युद्धनीति स्वार्थ के लिये नहीं बल्कि परमार्थ के लिये है।
अजीत डोभाल ने साध्वी भगवती सरस्वती को हिन्दूधर्म विश्वकोश के 11 खंडों के प्रकाशन के लिये धन्यवाद देते हुये कहा कि इस महाग्रंथ में हिन्दू धर्म और संस्कृति की जो वैज्ञानिक व्याख्या की गयी है वह अद्भुत है।
अष्टमी और नवमी के पावन अवसर पर माँ गंगा के पावन तट पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महा ग्रंथ हिन्दूधर्म विश्वकोश की प्रति डोभाल को भेंट स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर श्रीमती अनु डोभाल, पुत्र शौर्य डोभाल और दोनों बेटियाँ भी उपस्थित थी।