मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर की मुलाकात

नई दिल्ली/ मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में सड़क परिवहन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जानकारी दी कि रोड प्रगति का आधार हैं और आत्मनिर्भर एम०पी० के रोडमेप में सडकें अभिन्न आधारभूत ढाँचा है। मध्यप्रदेश ऐसे सड़क निर्माण का प्रयास कर रहा है,जिसके दोनों तरफ आर्थिक कलस्टर,औद्योगिक पार्क व टाउनशिप हो, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश में वृद्धि आए।
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि केन्द्रीय सड़क और आधारभूत ढाँचा फण्ड (सीआईआरएफ) योजना में लगभग 4200 करोड़ रुपये के प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे गये है।इनमें से केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इंदौर प्रवास के दौरान लगभग 1500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति देने की घोषणा की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा लगभग 844 करोड़ रुपये लागत की 15 ऐसी परियोजनाएँ चिन्हित की गई हैं,
जिसमें न्यूनतम भू-अर्जन के कारण त्वरित क्रियान्वयन किया जा सकता है। साथ ही ग्वालियर,भोपाल व सीहोर की 909 करोड़ रु. लागत की चार नवीन परियोजनाओं की अनुशंसा की गई है। सीएम श्री चौहान ने सी.आई.आर.एफ. योजना में इन प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति जारी करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने नसरुल्लागंज से संदलपुर (38 किलोमीटर) और बुधनी से बाड़ी को राष्ट्रीय राजमार्ग 146-बी के विस्तारित रूप में स्वीकृत कर फोर लेन में उन्नयन करने की स्वीकृति का भी निवेदन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री चौहान ने अटल प्रगति पथ से संबंधित प्रस्तावित परियोजनाओं के ओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज इत्यादि से संबंधित तकनीकी जानकारी एवं शासकीय, निजी और वन भूमि के भू-अर्जन की जानकारी केन्द्रीय मंत्री को दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल प्रगति पथ के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 90 प्रतिशत भूमि एन.एच.ए.आई. को दिसम्बर 2021 तक हस्तांतरित कर दी जायेगी।
सीएम ने केन्द्रीय मंत्री को नर्मदा एक्सप्रेस-वे के 906 किलोमीटर के अलाइनमेंट प्रस्ताव से भी अवगत कराया जोमध्यप्रदेश के पूर्वी सीमा में छत्तीसगढ़ तथा पश्चिमी सीमा में गुजरात तक प्रस्तावित अलाइनमेंट मध्यप्रदेश के 10 जिलों से होकर गुजरता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्षिक योजना में शामिल शहडोल और बड़वानी जिलों के 130 किलोमीटर के फीडर रूट्स की स्वीकृति अपेक्षित है। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने नर्मदा एक्सप्रेस-वे को भारत माला में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि स्विस चैंलेन्ज में मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्गों के उन्नयन का कार्य प्रारम्भ करने की योजना बनाई जा रही है।इस मॉडल में निजी निवेशकों को मार्गों के निर्माण के लिए मार्गों के चयन, उनकी फिजीबिलिटी और डीपीआर तैयार करने और फाइनेंशियल मॉडल तैयार करने का दायित्व रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रालय की परियोजनाओं के अंतर्गत कुछ शहरों में बायपास के कार्य निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त कुछ शहरों में रिंग रोड बनाने के लिये पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से बायपास बनाने की आवश्यकता है। इस योजना में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सागर और खण्डवा शहरों में रिंग रोड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश की रिंग रोड को आर्थिक प्रगति का आधार बनाया जायेगा। बैठक में ब्रॉडगेज मेट्रो पर भी चर्चा हुई साथ ही उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों को ब्राडगेज मेट्रो से जोड़ा जायेगा, जिसका उपयोग यात्रियों और गुड्स केरियर के लिए होगा।
