उत्तराखण्ड में 25 अप्रैल से शुरू होगा जनगणना-2027 का पहला चरण

देहरादून। भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान है, जिसे पहली बार पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर और स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा के साथ संचालित किया जा रहा है।
पीआईबी देहरादून के सहयोग से आयोजित प्रेस वार्ता में जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय की निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तराखण्ड में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक 30 दिनों की अवधि में किया जाएगा। इससे पहले प्रदेशवासियों को 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक स्व-गणना का अवसर दिया गया है। लोग अपने मोबाइल नंबर और आवश्यक क्रेडेंशियल्स की मदद से se.census.gov.in पोर्टल पर लॉग इन कर स्वयं ऑनलाइन विवरण दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में जनगणना की शुरुआत 10 अप्रैल को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की स्व-गणना से होगी। यह सुविधा 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। दूसरे चरण में हिमाच्छादित जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के 131 गांवों तथा तीन शहरी क्षेत्रों में जनगणना सितंबर में कराई जाएगी।
प्रथम चरण में लगभग 30 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे, जो करीब 32 हजार ब्लॉकों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। प्रशिक्षण के लिए उन्हें 650 बैचों में बांटकर राष्ट्रीय, मास्टर और फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जनगणना के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़े 33 प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। सरकार ने प्रदेश की जनता से स्व-गणना या प्रगणकों को सहयोग देकर इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भागीदारी की अपील की है।

