ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत चल रही योजनाओं, विकास कार्यों के लिए 89 करोड़ का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पास

ऋषिकेश। नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत चल रही योजनाओं, विकास कार्यों एवं आय व्यय के ब्यौरे के साथ ही 89 करोड़ का वार्षिक बजट पेश किया गया। जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। बैठक में टीवी, इंटरनेट केबल को भूमिगत किए जाने का प्रस्ताव भी पास किया गया। जिससे भविष्य में शहर को तारों के जाल से छुटकारा मिल सकेगा।
बुधवार को नगर निगम के शहीद स्मारक भवन सभागार में मेयर शंभू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में पार्षदों ने वार्षिक बजट पर विस्तार से चर्चा की और कई प्रस्ताव पर सहमति जताई। बैठक में 89 करोड़ के बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। नगर निगम की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पास किए गए इस बजट के तहत नगर क्षेत्र में नालियों और सीसी सड़कों के निर्माण व मरम्मत को मंजूरी मिली है। जिससे बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
बोर्ड बैठक बैठक देर रात तक चली। जिसमें शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए टीवी और इंटरनेट केबल को भूमिगत करने का प्रस्ताव भी पास किया गया। इससे सड़कों पर फैले तारों का जाल से राहत मिलने की उम्मीद है। पार्षदों ने प्रस्ताव के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य करवाने की मांग की है। इस दौरान तीखी बहस भी देखने को मिली। कई पार्षदों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से बोर्ड बैठक में रखा। बैठक में मुख्य रूप से निगम की आय बढ़ाने पर चर्चा की गई। इस दौरान हाउस टैक्स की दरें बढ़ाने, नए करदाता चिन्हित करने, फेरी नीति में बदलाव लाने, होर्डिंग जैसे विज्ञापनों से होने वाली आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। साथ ही टैक्स वसूली में नगर निगम कर्मियों पर उदासीन रवैए की भी आलोचना हुई।
हाउस टैक्स नीति पर चर्चा
बैठक में पार्षदों द्वारा भवन कर को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि भवन कर निगम के सबसे बड़े आय का स्रोत है। लेकिन इसके प्रति निगम बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। जबकि निगम के पास कर विभाग का एक बहुत बड़ा ढांचा है। इसके बावजूद कई इलाके में भवन कर नहीं लगाया जा सका है, जिससे निगम की आय पर गहरा असर पड़ रहा है। उन्होंने भवन कर निर्धारण के लिए ठोस नीति बनाने पर जोर दिया है। कहा गया कि कई क्षेत्रो में रिहायशी भवनों का उपयोग व्यवसाय में बदलाव हुआ है जबकि उन पर अभी भी भवन कर लिया जा रहा है। ऐसे ही नए भवनों व होटलों पर टैक्स लगाने व रुके हुए भवन कर वसूली में तेजी लाने के प्रस्ताव दिए गए।
पार्किंग व होर्डिंग से आय पर जोर
बैठक में पार्षदों ने पार्किंग से होने वाली आय का भी ब्यौरा मांगा गया।
पार्किंग की आय पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कई पार्षद नाराज दिखे। पार्षदों ने पार्किंग के नाम पर घोलमोल की आशंका जताई। बैठक में यात्रा बस अड्डा पार्किंग के ठेके को लेकर जमकर बहस हुई। पहले 1.20 करोड रुपए का ठेका था। वह घटकर 80 लाख रुपए किए जाने पर पार्षदों ने नाराजगी जताई। वहीं नगर आयुक्त गोपाल राम बेनीवाल ने स्पष्ट किया की चारधाम ट्रांजिट में नई पार्किंग शुरू होने से राजस्व प्रभावित हुआ है। इसके बाद समिति की सिफारिश पर ठेका राशि कम की गई । हालांकि आईएसबीटी और त्रिवेणी घाट पार्किंग से निगम को कोई आय के बारे में अधिकारी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। जिस पर कई पार्षदों ने इसे निगम की मुख्य आय स्रोत का हिस्सा बताते हुए इसकी आय बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि जिन क्षेत्रों में पार्किंग से कम वसूली हो रही है वह नए टेंडर में उनकी कीमत बधाई जाए। साथ ही नए पार्किंग एरिया चिन्हित कर टेंडर कराए जाए जिससे निगम की आय में वृद्धि हो सके। इसके अलावा
फेरी नीति में बदलाव
बैठक में पार्षद सुरेंद्र नेगी ने सुझाव दिया कि वेंडिंग जोन के अलावा निगम क्षेत्रों में सैकड़ों रेडी ठेली घूमती है। इन से प्रतिदिन के हिसाब से 5 रूपए वसूली की जाए। साथ ही वेंडिंग जोन में सभी दुकानों का एक साईज नहीं है लेकिन टैक्स सबसे एक जैसा क्यों लिया जा रहा है जबकि बड़ी दुकानों से ज्यादा टैक्स लिया जाए। इन छोटे छोटे प्रयासों से ही निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा सड़कों पर लोडिंग व अनलोडिंग वाहनों से भी शुल्क वसूलने का निर्णय लिया गया।
होर्डिंग नीति का सख्ती से पालन
बैठक में होर्डिंग का मुद्दा उठाते हुए पार्षद राजेन्द्र प्रेम सिंह बिष्ट ने कहा कि विज्ञापन कंपनी ग्लैक्सी को नगर निगम द्वारा वर्ष 2021 में टेंडर के माध्यम से 87 स्थानों पर यूनीपोल लगाने की अनुमति दी गई थी जो उक्त कंपनी ने लगाए भी हुए है लेकिन वह 52 साइड की रुकम क्यों जमा कर रही है उससे सभी 87 यूनीपोल का टैक्स नगर निगम क्यों नहीं वसूल कर रहा है। इतना ही नहीं उक्त कम्पनी को 10×20 साईज का होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई थी लेकिन वह कई जगह इससे ज्यादा बड़े साईज के होर्डिंग लगाकर अपना फायदा व निगम का नुक़सान कर रही है। बड़े हैरानी की बात है कि आज तक निगम के किसी अधिकारी कर्मचारी ने चैक तक नहीं किया और ना ही उस पर पेनाल्टी लगाई।
इस पर सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि उक्त कंपनी को 87 साइड के ही पैसे का नोटिस दिया गया है। जल्द ही रिकवरी की कार्यवाही की जाएगी।
पार्षद सुरेंद्र नेगी ने टैक्स व होर्डिंग मुद्दों पर एक जांच कमेटी बनाने का सुझाव दिया। इसके अलावा तहबाजारी को लेकर भी उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि पूरे निगम क्षेत्र में 350 वेंडिंग कारोबारी आपने आबंटित की है जबकि उनकी संख्या इससे भी ज्यादा है जिन्हे चिन्हित कर ज्यादा टैक्स वसूली की जा सकती है।
पार्षदों ने वेडिंग कार्ड आवंटन प्रक्रिया की जांच की मांग की है। सदन ने इस दौरान निर्णय लिया कि सत्यापन के लिए समिति गठित की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में सभी पार्षदों के सुझावों पर अमल के साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने व निगम की आय बढ़ौतरी के साथ ही क्षेत्र के विकास पर एक राय होकर कार्य करने पर सहमति बनी।
