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ऋषिकेश में ‘राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ’ का भव्य आयोजन, देशभर के विद्वानों ने किया मंथन

ऋषिकेश में ‘राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ’ का भव्य आयोजन, देशभर के विद्वानों ने किया मंथन

ऋषिकेश/तीर्थनगरी ऋषिकेश स्थित श्री जयराम आश्रम में 23, 24,25 फरवरी को ‘राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ’ का भव्य आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम का आयोजन काशी ज्योतिष संस्थान, रामनगर (वाराणसी) द्वारा किया गया।

तीन दिवसीय इस महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्यों, विद्वानों और साधकों ने भाग लेकर ज्योतिष विद्या के समक्ष उपस्थित चुनौतियों और उसके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के संस्थापक डॉ. आचार्य अंजन के मार्गदर्शन में आयोजित इस महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में एच.एस. रावत उपस्थित रहे।

इस अवसर पर देश के जाने माने ज्योतिषाचार्य डॉ एच एस रावत ने कहा आज कल ज्योतिष पर ग्रहण काल चल रहा है। सोशल मीडिया पर जितने भी जितने भी बिजनेस ऐप और बिना जानकारी के लाइक और वियूज के लिए रील बनाकर डाली जा रही है ये सब ज्योतिष के महत्व का विनाश कर रही है और समाज में भ्रम फैलाने का कार्य कर रही है जो बेहद घातक है।मै इसका घोर विरोधी हूं।

महाकुंभ के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने आधुनिक दौर में ज्योतिष के वैज्ञानिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्य कथन की विद्या नहीं, बल्कि जीवन मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम है। डिजिटल युग में इसके प्रचार-प्रसार और शोध की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पूर्व ऐसे तीन सफल आयोजन वाराणसी और प्रयागराज में संपन्न हो चुके हैं, जबकि यह चौथा महाकुंभ ऋषिकेश की पावन भूमि पर आयोजित हुआ।

विशिष्ट अतिथियों में राममूर्ति, सरबजीत दल, संजय कुमार सिंह एवं गुरुमाता चेतना जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व शामिल हुए।

आयोजन समिति की ओर से सचिव श्रीमो भट्टाचार्या एवं अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। अन्य प्रमुख आयोजकों में मनील जैसवाल, सौरभ कुमार, राम नारायण मौर्य, अनिल सेठ, विभूति नारायण तिवारी और मनीष जी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

सत्र समापन अवसर पर सभी ज्योतिषाचार्यों ने त्रिवेणी घाट पर आयोजित गंगा आरती में सहभागिता की और माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

सोमवार से ग्रह गोचर अनुसार इक्कीसवीं सदी का सबसे भयानक कालसर्प योग निर्माण हो रहा है। जिसका कुछ क्षेत्रो में नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। डॉ रावत ने कहा सोमवार को मंगल और राहू एक साथ एक ही घर में बैठकर अंगारक योग का निर्माण कर रहे हैं साथ ही राहू और शनि की ग्रह स्थिति विश्व में तनाव और युद्ध की आशंका को और बढ़ाने वाली होगी। भारत की दृष्टि से देश सेफ जोन में हैं।देश सुरक्षित हाथों में है भारत के प्रधानमंत्री मोदी की कुंडली प्रबल है। डॉ रावत ने कहा इस बार जो कालसर्प योग बन श्रहा है वह भारत की कुंडली में चौथे और दशम भाव से बन रहा है जिससे जनता में विरोध के स्वर एवं असंतोष की स्थिति रहेगी।यह स्थिति जुलाई तक रहने की संभावना है। भारत और उन्नतिशील होगा।