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नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकतंत्र का स्वर्णिम अध्याय : कुसुम कंडवाल

देहरादून/ 11अप्रैल2026
देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 भारतीय लोकतंत्र का स्वर्णिम अध्याय है। यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 में पारित इस संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। कुसुम कंडवाल ने कहा कि 1952 में लोकसभा में महिलाओं की संख्या मात्र 22 थी, जो 2024 में बढ़कर 75 हो गई है, लेकिन अभी भी यह पर्याप्त नहीं है। यह अधिनियम इस अंतर को कम कर महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में लाने का कार्य करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि देश अब ‘महिलाओं के विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं तो समाज में समावेशी विकास और आर्थिक प्रगति तेजी से होती है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई आंकड़े भी साझा किए। बताया कि मुद्रा योजना के तहत 69 प्रतिशत ऋण महिलाओं को मिले, जबकि जन धन योजना के अंतर्गत 32.29 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुले।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा और समाज से इसके समर्थन की अपील की।