योग के क्षेत्र में ऋषिकेश की उपासना सेमवाल को राष्ट्रीय ‘योग रत्न’ सम्मान

ऋषिकेश
योगिक साइंस में मास्टर्स के बाद लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए कर रहीं जागरूक, परिवार ने उपलब्धि पर जताया गर्व
ऋषिकेश। योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए ऋषिकेश की उपासना सेमवाल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘योग रत्न’ सम्मान से नवाजा गया है। रिषिकुल योगपीठ, लखनऊ के संस्थापक डॉ. देवनाथ शुक्ला ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। सम्मान मिलने के बाद उपासना की इस उपलब्धि को ऋषिकेश के लिए भी गौरवपूर्ण माना जा रहा है।
उपासना सेमवाल ने ऋषिकेश स्थित यूआईपीएस योग अकादमी से योगिक साइंस में मास्टर्स की शिक्षा प्राप्त की है। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने योग को केवल अभ्यास तक सीमित न रखते हुए इसे स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के माध्यम के रूप में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। लंबे समय से वह लोगों को योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक लोग नियमित योगाभ्यास से लाभान्वित हुए हैं।
उपासना की इस सफलता में उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी बहन श्वेता रयाल, जो युवा प्रधान हैं, ने उन्हें योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया और हर स्तर पर सहयोग दिया। परिवार के इस सहयोग को उपासना अपनी यात्रा की महत्वपूर्ण ताकत मानती हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद उपासना सेमवाल ने कहा कि ‘योग रत्न’ सम्मान उनके लिए गर्व के साथ नई जिम्मेदारी भी है। उनका प्रयास है कि योग को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
उपासना की उपलब्धि पर उनके पिता गणेश प्रसाद सेमवाल, परिजनों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

