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वन विभाग के दांवों की पोल खोलती हथिनी

प्रशांत शर्मा।
हरिद्वार। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान का असर शहरों में इंसानों पर ही नहीं जंगल के जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है जंगल में पानी की कमी होने के चलते जगली जानवर हाईवे की ओर रुख कर रहे हैं जिससे हाईवे से गुजरने वाले राहगीरों को ही नहीं जंगली जानवरों को भी जान का खतरा है वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो जंगल में पानी की व्यवस्था की गई है।
हरिद्वार प्रभागीय वन क्षेत्र के श्यामपुर रसियाबढ़, गेंड़ीखाता, चिड़ियापुर वन क्षेत्र को छूकर निकलने वाली नेशनल हाईवे 74 पर तापमान बढ़ने के साथ जंगली जानवरों की आवाजाही भी बढ़ गई है।
 मंगलवार दोपहर करीबन 39 डिग्री तापमान में निर्माणाधीन एनएच 74 के किनारे भरे बरसाती पानी पीते जंगली हथिनी और उसका बच्चा नजर आया। यह जहां राहगीरों के लिए एक रोमांचित पल था वही बड़ा खतरा भी बन रहा था। इससे यह अंदाजा लगाना भी गलत नहीं होगा कि वहां हाथियों के पूरे झुंड भी दोपहर में आ सकते हैं। हथिनी अपने बच्चे को इंसानी नज़र से दूर रखती है, लेकिन इस हथनी का अपने बच्चे के साथ हाईवे पर आकर पानी पीना वन विभाग के दांवों की पोल खोल रहा है। भीषण गर्मी में जंगल के अंदर बने जलाशय सूख चुके है। उनमें पानी की व्यस्था नही हो रही। इसलिए ही जंगली जानवर दिन की चिल चिलाती धूप में सड़कों पर पानी ढूंढ रहे।नजीबाबाद हरिद्वार जाने वाली नेशनल हाईवे 74 वन क्षेत्र के 20 से गुजरती है जिस कारण यहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है लेकिन दिनदहाड़े रोड के किनारे पानी की तलाश में जंगली जानवरों का आना खतरे से खाली नहीं है गौरतलब है कि इस रोड पर कई बार बड़े वाहनों से टकराने से कई जंगली जानवर अपनी जान गवा चुके हैं।  लेकिन पानी की तलाश में हाथियों का सड़क किनारे आना राहगीरों के लिए भी खतरे से कम नहीं है। इस बाबत जब श्यामपुर वन क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी  केएस रावत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वन क्षेत्र में पानी की कोई कमी नहीं है। पहले से ही जंगल में कई स्थानों पर पानी पीने के कुंड बनाए गए हैं। क्योंकि जानवर पानी पीने नहर पर भी आते हैं तो उन्हें कोई परेशानी ना हो इसलिए नहर पटरी को आम जनता के लिए बंद किया गया है। साथ ही नहर पटरी से ना जाने के लिए बोर्ड लगाकर भी बताया गया है। उन्होंने बताया कि नहर पटरी पर हाथी और हिरणों के झुंड के अलावा अन्य जंगली जानवर और पक्षी भी पानी पीने के लिए आ रहे हैं वहां से गुजरने वाले राहगीर सेल्फी लेने के साथ ही आवाजें करके उन्हें डराने का कार्य करते हैं। जंगली जानवर यदि सड़क पर नजर आएं तो राहगीरों को उन से दूरी बनानी चाहिए। किसी भी प्रकार का शोर नहीं करना चाहिए और उन्हें जाने के लिए रास्ता देना चाहिए। वन क्षेत्र से वाहनों को कम रफ्तार में चलाते हुए निकलना चाहिए। जिससे जानवर और स्वयं सुरक्षित रह सके। उन्होंने बताया कि वनकर्मी लगातार गश्त पर हैं गस्त और बढ़ाई जाएगी।