गाना आये या ना आये गाना चाहिए । जी हाँ इस टेंशन भरी जिंदगी में अपने आपको सकून देने के लिए इस तरह का प्रयास आपको फायदा दे सकता है । शऱम को छोड़करजैसा भी हो आप को गाना गुनगुनानालाभकारी हो सकता है । इससे आपके आसपास का वातावरण भी बदल जाएगा और आप स्वयं भी अच्छा महसूस करेंगे । मनोरोग विशेषज्ञों के द्वारा प्राय यह परामर्श दिया जाता है। अगर आप चाहें तो इसे माध्यम बना सकते हैं ।