समरसता महाआरती में 54 समाज एक मंच पर, गूंजा एकता और सनातन का संदेश

आदि शंकराचार्य जयंती की पूर्व संध्या पर इंदौर में भव्य आयोजन, संतों और नेताओं ने दिया सामाजिक समरसता का आह्वान
इंदौर:13 अप्रैल 2026
आदि गुरु आदि शंकराचार्य की जयंती की पूर्व संध्या पर इंदौर में अखिल भारतीय दसनाम गोस्वामी समाज युवा शाखा द्वारा आयोजित समरसता महाआरती ने सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। 54 समाजों के प्रमुखों की ऐतिहासिक भागीदारी के साथ यह आयोजन आस्था, संस्कृति और समरसता का संगम बन गया।
कार्यक्रम में विधायक मनोज पटेल, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता महंत राजेंद्र भारती, धार जिला अध्यक्ष निलेश भारती और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश गोस्वामी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। ब्राह्मण, राजपूत, जैन, गुर्जर, यादव, वैश्य, मराठा समेत 50 से अधिक समाजों की भागीदारी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
विधायक मनोज पटेल ने कहा कि “54 समाजों को एक मंच पर लाकर जो एकता का संदेश दिया गया है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है। आदि शंकराचार्य का जीवन हिंदू समाज को संगठित करने की शक्ति देता है।”

महंत राजेंद्र भारती ने कहा कि “हम सबमें एक ही ब्रह्म है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है—समाज को बांटने नहीं, जोड़ने की जरूरत है।”
राजेश गोस्वामी ने बताया कि आदि शंकराचार्य ने अल्पायु में पूरे भारत का भ्रमण कर सनातन धर्म की पताका फहराई और समाज को एक सूत्र में पिरोया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए और समरसता महाआरती के माध्यम से एकजुटता, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया गया।
इंदौर की यह महाआरती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का सशक्त संदेश बनकर उभरी।

