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वेंडिंग कार्ट के दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई, जरूरतमंद वेंडरों को ही मिलेगा लाभ

ऋषिकेश

नगर निगम ऋषिकेश में वेंडिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने और स्ट्रीट वेंडरों के नियमन को लेकर सोमवार को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक हुई। महापौर शम्भू पासवान की अध्यक्षता में हुई बैठक में वेंडिंग कार्ट के दुरुपयोग, अवैध कब्जे, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
महापौर शम्भू पासवान ने स्पष्ट किया कि वेंडिंग कार्ट का लाभ केवल वास्तविक, पात्र और जरूरतमंद स्ट्रीट वेंडरों को ही दिया जाएगा। आवंटित कार्ट को बेचने या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करने का मामला सामने आने पर संबंधित वेंडर का आवंटन तत्काल निरस्त किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति को भविष्य में दोबारा वेंडिंग कार्ट आवंटित नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर कार्ट स्वीकृत है, उसी को उसका संचालन करना होगा। कार्ट को किराए पर देना, बेचना अथवा किसी अन्य व्यक्ति को संचालन के लिए सौंपना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कार्ट का इस्तेमाल निर्धारित व्यवसाय के अलावा किसी अन्य कार्य में करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया। वेंडरों को कार्य समाप्त होने के बाद ठेला या कार्ट सड़क पर छोड़ने अथवा सड़क किनारे बांधकर रखने की अनुमति नहीं होगी। इससे यातायात बाधित होने या सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की स्थिति बनने पर संबंधित वेंडर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के व्यवसाय करने वाले वेंडरों पर भी कार्रवाई होगी।
महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। वेंडिंग कार्ट के संचालन में महिला स्वयं सहायता समूहों को सहयोग और प्राथमिकता देने पर विचार किया गया, जिससे स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
आगामी कुंभ मेले के मद्देनजर नगर की स्वच्छता, सुंदरता, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए वेंडरों से नगर निगम एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। महापौर ने कहा कि ऋषिकेश अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और आध्यात्मिक नगरी है। कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए वेंडिंग व्यवस्था को स्वच्छ, अनुशासित और व्यवस्थित रखना आवश्यक है।
बैठक में वेंडरों से लिए जाने वाले दैनिक शुल्क भी निर्धारित किए गए। ठेले के लिए 20 रुपये प्रतिदिन और वेंडिंग कार्ट के लिए 50 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया।
महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी वेंडर की आजीविका प्रभावित करना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित स्थान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए यातायात, स्वच्छता और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन कायम करना है।
बैठक में नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ल, सहायक नगर आयुक्त चन्द्रकान्त भट्ट, अधिशासी अभियंता अनिल नेगी, सिटी मिशन मैनेजर वरुण मल्होत्रा, यातायात निरीक्षक प्रदीप कुमार, कर निरीक्षक यशवीर सिंह, नामित चिकित्सा प्रतिनिधि बी.पी. भट्ट सहित स्वयं सहायता समूहों और वेंडर प्रतिनिधियों ने भाग लिया।