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700 साल बाद पुनः होने वाली है सौरमंडल में दुबारा खगोलीय घटना गुरु और शनि होंगे एक साथ, दिखेगा 1 सप्ताह तक अद्भुत नजारा


खगोल विज्ञान और ज्योतिष की दृष्टि से दिसंबर महीने में एक बेहद विलक्षण घटना घटने वाली है । वैज्ञानिक भी इस कॉम्बिनेशन को लेकर बहुत उत्सुक हैं और उनकी निगाहें भी इन दोनों ग्रहों के 1 सप्ताह तक बनने वाले अद्भुत योग पर टिकी हैं । खगोल विज्ञान में यह ग्रह पृथ्वी के बाहरी पड़ोसी हैं इसलिए उनका पृथ्वी के इतने करीब आना अपने आप में बहुत विलक्षण होगा। वही ज्योतिष विद्वान भी इसे अद्भुत योग मान रहे हैं। शास्त्र और पंचांग के हवाले से ज्योतिषीय यह दावा कर रहे हैं कि यह घटना 700 साल बाद पुनः होने वाली है। बालाजी धाम काली माता मंदिर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सतीश सोनी ने इस घटना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 16 दिसंबर से 25 दिसंबर के बीच सौर मंडल में न्याय के देवता शनि और देव गुरु बृहस्पति एक दूसरे के बहुत करीब आने वाले हैं। यह दोनों बड़े ग्रह इन दिनों मकर राशि में संचार कर रहे हैं। मकर राशि शनि देव की अपनी राशि है जबकि देव गुरु बृहस्पति 20 नवंबर को इस राशि में आकर नीच के हो चुके हैं। सौरमंडल के दो बड़े ग्रहों का इतना करीब आना ज्योतिष में इसे भेद युति माना जाता है।

बशिष्ट संहिता के अनुसार गुरु शनि के निकटता का महत्व
वशिष्ठ संहिता के गृह युद्ध अध्याय में तो यहां तक कहा गया है कि जब दो ग्रह इतने निकट आ जाएं की धरती से देखने पर दोनों के बिना एक ही भूत हो जाए तब उसे भेदयुति कहते हैं । यानि दोनों ग्रहों को नंगी आंखों से देखने पर भेद नहीं किया जा सकता कि इनमें से कौनसा ग्रह शनि है और कौन बृहस्पति है। अभी यह दोनों ग्रह पश्चिम दिशा में सूर्यास्त के बाद दिखाई देते हैं। 21 दिसंबर के दिन केवल जीरो पॉइंट 1 डिग्री की दूरी पर यह रहेंगे।

अंतरिक्ष में शनि और गुरु की मकर राशि में युति से क्या पड़ेगा प्रभाव-
मकर राशि में बन रही शनि और गुरु की भेद युति से सर्दी पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है । उत्तर पश्चिम भारत पाकिस्तान ईरान मैं सर्दी के कारण से आम जनता को बेहद कष्ट होगा इसके साथ ही देशों में राजनीतिक उठापटक जन आंदोलनों की संभावना अगले 1 वर्ष तक रहेगी। मिथुन राशि से प्रभावित अमेरिका के अष्टम भाव में बन रही है । शनि गुरु की युति वहां की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख देगी जिससे यूरोप के देश भी मंदी की चपेट में आ जाएंगे। वैश्विक मंदी का प्रभाव अगले 5 महीने तक भारत पर भी गंभीर रूप से दिखाई देगा।

7 राशियों को मिलेगा शनि और गुरु ग्रह की युति का शानदार लाभ।

मिथुन राशि, सिंह राशि, तुला राशि, वृश्चिक राशि, धनु राशि, कुंभ राशि और मीन राशि के लिए शनि और गुरु का प्रभाव बहुत ही शानदार होने वाला रहेगा।

मेष राशि वृषभ राशि कर्क राशि मकर राशि के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना होगा वही कन्या राशि के लिए यह कोम्बिनेश सामान्य होने वाला होगा।

ज्योतिष आचार्य सतीश सोनी