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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम का किया उद्घाटन

नई दिल्ली/ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन मंगलवार को श्रम और रोजगार, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया।

भूपेन्द्र यादव. ने संबोधित करते हुये कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार जनजातियों के लिए सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक लाभ प्रदान करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति पर काम कर रही है।

आदिवासी समुदाय आदिकाल से वन और पर्यावरण संरक्षण में सबसे आगे रहे हैं।पर्यावरण, वन,जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और जनजातीय मामले मंत्रालय वनवासियों के अधिकारों की रक्षा और वन प्रबंधन में उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाने के लिए के एक संयुक्त संचार पर हाल ही में हस्ताक्षर किए गए थे।

संवाद कार्यक्रम का विषय ‘जनजातीय ग्रामों में वित्तीय समावेशन व आजीविका का अभिसरण‘ है। जिसमें बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों, गैर-ंउचयसरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हर्ष चौहान, माननीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने की। जिसमें आयोग के माननीय सदस्य अनंत नायक एवं सचिव श्रीमती अलका तिवारी भी उपस्थित हुए। संवाद के विभिन्न सत्रों में जनजातीय कार्य, पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपने मंत्रालयों की विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय की पहल‘ तथा दूसरे सत्र में ‘जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामों का विकास‘ वि-ुनवजयाय पर विस्तार से चर्चा की गई। यह संवाद कार्यक्रम दिनांक 30 सितंबर,2021 तक के लिए आयोजित है।

इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में फग्गन सिंह कुलस्ते, माननीय राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी भाग लिया।