21 कुण्डीय वैदिक यज्ञ के साथ गुरुकुल कांगड़ी का 123वाँ वार्षिकोत्सव ‘प्रोत्साहन’ शुरू

हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय का 123वाँ वार्षिकोत्सव ‘प्रोत्साहन’ रविवार को 21 कुण्डीय वैदिक यज्ञ के साथ भव्य रूप से शुरू हुआ। विश्वविद्यालय सभागार परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी ने प्राचीन परम्पराओं को संजोते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण शैक्षणिक योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में भी गुरुकुल की अहम भूमिका रही और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में यहां के छात्रों का बड़ा योगदान होना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि पुरातत्वविद डॉ. मोहनचन्द्र जोशी ने गुरुकुल को स्वामी दयानन्द सरस्वती और स्वामी श्रद्धानन्द के सपनों का साकार रूप बताते हुए इसकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने का आश्वासन दिया। वहीं नगर मेयर किरण जैसल ने छात्रों से राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि गुरुकुल संस्कारों के साथ शिक्षा देने वाला संस्थान है और शीघ्र ही यहां वोकेशनल ट्रेनिंग व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने गुरुकुल की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला, जबकि आईक्यूएसी निदेशक प्रो. पंकज मदान ने वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में यज्ञ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सितार वादन भी आकर्षण का केंद्र रहे।

