आईजीएल और एसडीएमसी ने अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र स्थापित करने के लिए किया समझौता

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने सोमवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के साथ दिल्ली में अपशिष्ट (वेस्ट) से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्र स्थापित करने के लिए एक मसौदा पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिससे कि नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट को वाहनों के ईंधन के रूप में उपयोग के लिए कंम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) में परिवर्तित किया जा सके। इसके लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली की उपस्थिति में मसौदा पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर सिंक्रोनाइज़ेशन योजना के तहत सरकार की एसएटीएटी पहल के विस्तार के रूप में हस्ताक्षर किया गया है।
म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को इनपुट के रूप में इस्तेमाल करके, इस पहल में एक तरफ नगरपालिका के कचरे को कम करने और दूसरी ओर एक टिकाऊ तरीके से क्लीन एनर्जी का उत्पादन करने के लिए, बहु-आयामी नजरिया शामिल है। इस संयंत्र से प्रति दिन 4000 किग्रा सीबीजी का अनुमानित उत्पादन होने की उम्मीद है। एमओयू के एक हिस्से के रूप में, एसडीएमसी बायोगैस संयंत्र और सीबीजी स्टेशन की स्थापना के लिए आईजीएल को पश्चिम क्षेत्र में स्थित हस्तसाल में पहचान की गई जगह में एक जमीन प्रदान करेगा। इसके अलावा प्रस्तावित सीबीजी संयंत्र को चलाने के लिए एसडीएमसी आईजीएल को अलग किए गए बायोडिग्रेडेबल कचरे (लगभग 100 टीपीडी) की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
यह समझौता विभिन्न अपशिष्ट और बायोमास स्रोतों से सीबीजी के उत्पादन के लिए देश में एक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव तरुण कपूर, एसडीएमसी के मेयर मुकेश सूर्यन, एसडीएमसी के आयुक्त ज्ञानेश भारती, आईजीएल के प्रबंध निदेशक ए. के. जाना, निदेशक (वाणिज्यिक) अमित गर्ग, और मंत्रालय, एसडीएमसी एवं आईजीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे।
