अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में सभी 8 प्रस्ताव पारित
हरिद्वार।
आगामी कुम्भ मेले की तैयारियों को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक मायादेवी मंदिर प्रांगण जूना अखाड़ा में आयोजित की गयी। बैठक में उपस्थित सभी 13 अखाड़ो के प्रतिनिधियों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री द्वारा पेश किए गए सभी 8 प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए पारित कर दिए। जिनमे मुख्य रूप से राम मंदिर निर्माण, कश्मीर में धारा 370 हटाने, संतो को कुम्भ मेले में दी जाने वाली मेला भूमि का विस्तारीकरण, रिंग रोड, अखाड़ो के मानचित्र फ्री पास करने और भवन कर कम करने, सभी 13 अखाड़ो को मेले के दौरान 5-5 कारों की धनराशि स्थायी निर्माण के लिए अनुदान में देने, हरिद्वार से चारोधाम के लिए छड़ी यात्रा सहित अन्य प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में निर्मल अखाड़ा संपत्ति विवाद का मुद्दा भी उठाया गया।
बैठक का संचालन करते हुए में महामंत्री श्रीमहंत हरीगिरी ने छत्रपति शिवाजी के राज्यारोहण दिवस पर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके हिंदू राष्ट्र की कामना को साकार होने की आशा प्रकट की है। इसके साथ ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने नरेंद्र मोदी के पुनः प्रधानमंत्री चुने जाने पर उनको शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की उन्नति के लिए संतों की ओर से आशीर्वाद दिया। बैठक में महंत हरि गिरि ने 8 प्रस्ताव रखे जिन्हें सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया इन प्रस्तावों में प्रमुख प्रस्ताव अखाड़ों को दी जाने वाली भूमि को विस्तारीकरण का था जिसके लिए अखाड़ा परिषद ने सरकार से जानकारी चाहिए कि साधु-संतों की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए सरकार ने क्या व्यवस्थाएं की हैं, तथा इन स्थानों पर भूमि का चयन किया है हरिद्वार में ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त वैकल्पिक मार्गो के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। जिसमें बहादराबाद से जमालपुर होते हुए लक्सर रोड को फोरलेन बनाया जाने तथा इससे नजदीक नजीबाबाद रोड से जोड़कर शीला रोड को फोरलेन बनाने जाने के प्रस्ताव फ्लाईओवर के माध्यम से राजमार्ग से जोड़ा जाए इसके अतिरिक्त सहारनपुर से बिहारीगढ़ सिडकुल में फेल होते हुए फोल्डिंग वाली सड़क बनाई जाए जिसे मनसा देवी पहाड़ के पीछे से मोतीचूर लाइव से जोड़ा जाए अन्य प्रस्ताव में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए दिवंगत संतों को जल समाधि के स्थान से भू समाधि दिए जाने सन्यासी व अन्य अखाड़ों के लिए भूमि की मांग की है गैर व्यवसायिक आश्रम मठों मंदिरों को मानचित्र तथा सदन भवन कर से छूट दिए जाने की मांग की पूर्व में उज्जैन नासिक इलाहाबाद कुंभ की भांति प्रत्येक अखाड़े को स्थाई निर्माण किए जाने के लिए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया हरिद्वार से चारों धाम के लिए छड़ी यात्रा उन्हें प्रारंभ किए जाने का भी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया बैठक में महानिर्वाणी अखाड़े ने भाग नहीं लिया बताया कि अखाड़े के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी स्वास्थ्य खराब होने के कारण उपस्थित नहीं हुए बैठक के बाद अखाड़ा परिषद के सभी सदस्य रविन्द्र पूरी से मिलने महा निर्वाणी अखाड़ा कूच कर गए। बैठक में जूना अखाड़े के प्रतिनिधि के रूप में श्री महंत नारायण गिरी, महेश्वरगिरी, निरंजनी अखाड़ा के श्री महंत रवींद्र पुरी, महंत आशीष पुरी, आनंद अखाड़ा के महंत जगदीश गिरी महंत, दिनका पूरी महाराज, आवाहन अखाड़े के महंत सत्य गिरी, अग्नि के ब्रह्मचारी साधना नंद, ब्रह्मचारी बलराम, नया उदासीन अखाड़ा के महंत भगतराम, महेंद्र जगतार, बड़ा अखाड़ा उदासीन के महंत व्यास मुनि, महंत शिवानंद, निर्मल अखाड़ा से महंत ज्ञानदेव शास्त्री, निर्मोही अखाड़ा से महंत राजेंद्र दास, महंत रामजी दास, दिगंबर अनी से महंत कृष्ण दास महंत माधवदास निर्वाणी अनी से महंत धर्मदास तथा महंत मोहन दास उपस्थित रहे।

