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उत्तराखंड में ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारम्भ, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में राजस्व लोक अदालत का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम जनता को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व से जुड़े विवाद केवल कागजी प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि इनके साथ किसानों की जमीन, परिवारों की आजीविका और लोगों का आत्मसम्मान भी जुड़ा होता है। ऐसे में इन मामलों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में 210 स्थानों पर एक साथ राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें करीब 6933 मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस पहल के तहत भूमि विवादों के साथ-साथ आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, विद्युत अधिनियम, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम और रेंट कंट्रोल एक्ट से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए Revenue Court Case Management System पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिससे लोग घर बैठे अपने मामलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण करते हुए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाए।