पेंशन में बड़ा इजाफा, छात्रवृत्ति में सख्ती—समाज कल्याण मंत्री खजान दास के सख्त निर्देश

➡️ विधवा-दिव्यांग पेंशन 1875 रुपये, नई योजनाओं के विस्तार पर जोर
➡️ 3 माह में मसूरी छात्रावास निर्माण पूरा करने के निर्देश
Lok Kesari News
देहरादून।16 अप्रैल 2026
प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बैठक में मंत्री ने पेंशन योजनाओं में बड़ा निर्णय लेते हुए विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 1500 रुपये से बढ़ाकर 1875 रुपये करने की जानकारी दी। वहीं बौना पेंशन और तीलू रौतेली पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1500 रुपये तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं में पारदर्शिता और सख्ती पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरतमंद छात्र इससे वंचित न रहें। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में नए ट्रेड शुरू करने तथा प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति के निर्देश दिए।
डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति छात्रावासों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में 14 छात्रावास संचालित हैं। मंत्री ने मसूरी स्थित गर्ल्स इंटर कॉलेज के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण 3 माह में पूरा कर सितंबर 2026 तक संचालन शुरू करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा पेंशन और अन्य योजनाओं के लिए आय सीमा 4000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इंटरकास्ट मैरिज सहायता की समयसीमा को भी 365 दिन (डेट-टू-डेट) करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना, अटल वयो अभ्युदय योजना तथा राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरणों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। साथ ही वृद्धाश्रमों, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत सहायता, निशुल्क कोचिंग और अवस्थापना विकास जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने निर्देश दिए कि दिव्यांग कल्याण और जनजाति कल्याण योजनाओं को एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए और कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक हों।
बैठक में समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चंद्र, निदेशक संदीप तिवारी, जनजाति कल्याण निदेशक संजय टोलिया सहित सभी जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।

