AAJ KA PANCHANG (पंचांग )05 January 2021 tuesday मंगलवार HARIDWAR- UTTRAKHAND) आज बुध ग्रह राशि परिवर्तन और भद्रा

panchang पंचांग दिन मंगलवार 05 january 2021 ,मार्गशीष कृष्ण पक्ष ,शरद ऋतु ,सूर्य दक्षिणायन ,प्रमादी नाम शुभ सवंत्सर 2077 ,सूर्योदय ०७:१४ ,सूर्यास्त १७:३१ , तिथि सप्तमी २८:०५ तक,नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी १८:२० तक, योग शोभन २६:५९ तक , करण विष्टि १६:५९ तक पश्चात बव ,चंद्रमा कन्या राशि,राहुकाल १४:५७ से १६:१४ तक, अभिजीत नक्षत्र १२:०२से १२:४३ , दिशाशूल उत्तर
आज मंगलवार 5 जनवरी 2021 भद्रा – समय 05:48 am से 04:59 तक
भद्रा काल को अशुभ काल माना जाता है इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। यदि आप शुभ कार्य करते है तो अशुभ परिणाम मिलने की प्रबल सम्भावना होती है।
फल- भद्रा का निवास स्वर्ग में हो तो शुभ फलप्रद होती है, पाताललोक में भद्रा धन का आगमन कराती है,मृत्युलोक में भद्रा हो तो सभी कार्य नष्ट हो जाते हैं।
जो कार्य अशुभ है परन्तु करना है तो उसे भद्रा काल में करना चाहिए ऐसा करने से वह कार्य निश्चित ही मनोनुकूल परिणाम प्रदान करने में सक्षम होता है। भद्रा में किये जाने वाले कार्य – जैसे क्रूर कर्म, आप्रेशन करना, मुकदमा आरंभ करना या मुकदमे संबंधी कार्य, शत्रु का दमन करना,युद्ध करना, किसी को विष देना,अग्नि कार्य,किसी को कैद करना, अपहरण करना, विवाद संबंधी काम, शस्त्रों का उपयोग,शत्रु का उच्चाटन, पशु संबंधी कार्य इत्यादि कार्य भद्रा में किए जा सकते हैं।
भद्रा के दुष्प्रभावों से बचने का आसान उपाय है भद्रा के 12 नामों का जप करना- धन्या, दधिमुखी, भद्रा, महामारी,
खरानना, कालरात्रि, महारुद्रा, विष्टि,कुलपुत्रिका, भैरवी, महाकाली, असुरक्षयकारी
मंगलवार को गुड़ ,गेहूँ ,लाल कपडा मूंगा, मसूर,लाल फूल आदि वस्तुओ का दान करना शुभ माना जाता है।
भौम मन्त्र का जाप करना भी लाभ कारी होता है ।(मंत्र ;ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः )
मंगलवार को उपवास करना चाहिए।
( मूंगा रत्न धारण करना शुभ होता है )
खरमास की शुरुआत 15 दिसंबर से हो रही है। खरमास का समापन 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ होगी। इस बीच एक माह तक किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं होंगे।
पौराणिक कथा के अनुसार सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। कहते हैं एक बार उनके घोड़े लगातार चलने और विश्राम न मिलने के कारण भूख-प्यास से बहुत थक गए थे।भगवान सूर्यदेव उन्हें एक तालाब के किनारे ले गए, लेकिन तभी उन्हें यह आभास हुआ कि अगर रथ रूका तो यह सृष्टि भी रुक जाएगी। उधर तालाब के किनारे दो गधे भी मौजूद थे। ऐसे में सूर्य देव को एक उपाय सूझा। उन्होंने घोड़ों को आराम देने के लिए रथ में गधों को जोत लिया। इस स्थिति में सूर्य देव के रथ की गति धीमी हो गई, लेकिन रथ रुका नहीं। इसलिए इस समय सूर्य का तेज कम हो जाता है।सूर्य मकर राशि मे प्रवेश करते ही वापस अपनी तेज गति पुनः प्राप्त कर लेते है।
हिन्दू धर्म में खरमास के महीने में किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किए जाते। पंचांग की मानें तो जबसे सूर्य बृहस्पति राशि में प्रवेश करता है तभी से खरमास या मलमास प्रारंभ हो जाता है। हिन्दू धर्म में इस महीने को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इस महीने में किसी भी तरह के नए या शुभ काम नहीं किए जाते हैं। मलमास को मलिन मास माना जाता है। मलिन मास होने के कारण इस महीने को मलमास भी कहा जाता है।
खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, खरमास में सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान, संध्या आदि करके भगवान का स्मरण करना चाहिए।भगवान विष्णु की पूजा करना लाभकारी होता है। सूर्य देव की उपासना करते हुए सूर्यदेव से सबंधित मंत्रों का जाप करना चाहिए।ब्राह्मण, गुरु, गाय एवं साधु-सन्यांसियों की सेवा करनी चाहिए।
सूर्योदय समय ग्रह स्थिति

AAJ KA GRAH GOCHAR आज (ग्रह -गोचर )
सूर्य -धनु ,चंद्र – कन्या राशि ,मंगल -मेष राशि, बुध -धनु राशि से मकर (रात्रि मे), गुरु- मकर राशि , शुक्र – धनु राशि, शनि -मकर राशि,राहु – वृष राशि ,केतु – वृश्चिक राशि
भगवान् शिव माँ पार्वती आप सब की मनोकामना पूरी करे।
आपका दिन शुभ हो।
