AAJ KA PANCHANG (आज का पंचाग) शनिवार saturday 19 December 2020 Haridwar – uttrakhand ,आज मार्गशीर्ष मास की पंचमी तिथि को ही सम्पन्न हुआ था भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह,जाने कब होगा सभी कार्यों के लिये शुभ समय-

गजाननम् भूत गणादि सेवितम्।
कपित्थ जम्बू फलचारु भक्षणम्।।
उमासुतंम् शोक विनाश कारकम्।
नमामि विघ्नेश्वर पद पाद पंकजम्।।
panchang पंचांग दिन शनिवार 19 दिसंबर 2020 ,मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष , शरद ऋतु ,सूर्य दक्षिणायन , शक सम्वत १९४२, प्रमादी नाम शुभ सवंत्सर 2077 , सूर्योदय ०७:०८ , सूर्यास्त १७:२१, तिथि पंचमी १४:१६ तक पश्चात षष्ठी, नक्षत्र धनिष्ठा १९ :४० तक,योग हर्षण १२:४५ तक , करण बालव १४:१६ तक द्वितीय करण कौलव , चंद्रमा मकर राशि मे ०७:१६ तक पश्चात कुंभ राशि, राहुकाल ०९:४१ से १० :५८ तक, अभिजीत नक्षत्र ११ :५४ से १२:३५ तक , दिशाशूल पूर्व

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी भी कहा जाता है। यह हिन्दुओं का प्रमुख महोत्सव है। इस दिन भगवान श्रीराम (Lord Rama) और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था।
किसी शुभ कार्य को प्रारम्भ करने के लिए अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघड़ियाओं को उत्तम माना गया है और शेष तीन चौघड़ियाओं, रोग, काल और उद्वेग, को त्याग देना चाहिए। चौघड़िया मुहूर्त का चयन करते समय, वार वेला, काल वेला, राहु काल, और काल रात्रि के समय को त्याग दिया जाना चाहिए।
आज सभी कार्यो के लिए शुभ समय
02:47pm से 16:04 pm
नए व्यपार के लिए शुभ समय
01:31 pm से 14:47pm
धार्मिक कार्यों के लिए शुभ समय
08:24am से 09:41 am
SATURDAY (शनिवार )
(शनि ग्रह की शांति के लिए हल्दी ,सोना ,पीला कपड़ा ,पीली वस्तुओ आदि दान करना शुभ माना जाता है )
शनि मन्त्र का जाप करना भी लाभ कारी होता है ।(मंत्र ;ॐप्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः )
शनिवार को उपवास करना चाहिए।
( नीलम रत्न धारण करना शुभ होता है )
सूर्योदय समय ग्रह स्थिति (19/12/2020)

AAJ KA GRAH GOCHAR
शनिवार १९ दिसम्बर २०२०
(ग्रह -गोचर )aaj KA GRAH GOCHAR आज (ग्रह -गोचर )
सूर्य -धनु राशि ,चंद्र – मकर राशि 07:16am तक पश्चात कुंभ राशि मे ,मंगल -मीन राशि (वक्री), बुध धनु राशि,गुरु-मकर राशि , शुक्र -वृश्चिक राशि, शनि -मकर राशि,राहु -वृषभ राशि ,केतु -वृश्चिक राशि
हिन्दू धर्म में खरमास के महीने में किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किए जाते। पंचांग की मानें तो जबसे सूर्य बृहस्पति राशि में प्रवेश करता है तभी से खरमास या मलमास प्रारंभ हो जाता है। हिन्दू धर्म में इस महीने को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इस महीने में किसी भी तरह के नए या शुभ काम नहीं किए जाते हैं। मलमास को मलिन मास माना जाता है। मलिन मास होने के कारण इस महीने को मलमास भी कहा जाता है।
भगवान् शिव माँ पार्वती आप सब की मनोकामना पूरी करे।
आपका दिन शुभ हो।
