उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना भुगतान की राशि मैं ₹25 प्रति कुंतल वृद्धि की
लखनऊ/ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल लखनऊ में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के जीवन में व्यापक रचनात्मक बदलाव लाने के लिए हर संभव उपाय करने के लिए तैयार है। सरकार ने गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखकर इसके मूल्य में वृद्धि करने का फैसला किया है।
पहले उ.प्र. में किसान को जिस गन्ने का भुगतान ₹325 प्रति कुंतल मिलता था, अब हम उसे ₹350 प्रति कुंतल भुगतान करेंगे।उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि सामान्य गन्ने का दाम, जो ₹315 प्रति कुंतल था, उसमें भी अब 25 रुपए की वृद्धि होगी और अब ₹340 प्रति कुंतल भुगतान किया जाएगा।
वर्ष 2013 में हुए मुजफ्फरनगर के दंगे में जान गंवाने वाला किसान ही था, किसानों के बच्चे थे। लेकिन तत्कालीन सरकार दंगाइयों का सम्मान कर रही थी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा आज हमारी सरकार में दंगे नहीं हो सकते, क्योंकि दंगाइयों को मालूम है कि अगर दंगा करेंगे तो उसकी कीमत भी उनकी सात पीढ़ियों को चुकानी पड़ेगी।न भ्रष्टाचार करेंगे, न किसी को करने देंगे।सरकार की नीयत और नीति दोनों साफ है।
सपा और बसपा की सरकारों ने चीनी मिलों को बेचकर गन्ना किसानों को बर्बाद करने का कार्य किया था।आज ‘सुगम कृषि, समृद्ध व खुशहाल किसान’ हेतु संकल्पित हमारी सरकार ने बंद चीनी मिलों को चलाकर और नई चीनी मिलों की स्थापना कर गन्ना किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
आज ‘सुगम कृषि, समृद्ध व खुशहाल किसान’ हेतु संकल्पित हमारी सरकार ने बंद चीनी मिलों को चलाकर और नई चीनी मिलों की स्थापना कर गन्ना किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा अन्नदाता किसान जब खुशहाल होगा, तब प्रदेश तेजी से विकास पथ पर अग्रसर होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए @UPGovt ने वर्ष 2017 में प्रोक्योरमेन्ट पॉलिसी लाकर किसान भाइयों का अनाज सीधे क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीदने का कार्य किया।
जीवन चक्र का आधार अन्न है और अन्न का आधार किसान। दिन हो या रात, धूप हो या सर्दी, इन सबकी परवाह किए बगैर किसान अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से अनाज का उत्पादन करते हैं।
योगी ने सभी किसान बंधुओं का हार्दिक अभिनंदनकरते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने, 2017 में सत्ता में आने के बाद से किसानों को पिछली सरकारों के समय से बकाया गन्ना राशि का भुगतान किया, जो वर्ष 2009 10 से बकाया थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बंद चीनी मिलों को फिर से चालू करने का अभियान शुरू किया है।

