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अंखियों के झरोखों से – जाने क्या कहती हैं ये आंखें ? कैसे हो इनकी देखभाल?

भारतीय फिल्मों में आंखों के ऊपर कई गाने फिल्माए गए हैं, वही बहुत सी गजलें कविताएं एवं नाटक आंखों को केंद्र में रखकर बने हैं।

ज्योतिष शास्त्र एवं सामुद्रिक शास्त्र में आंखों के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। ज्योतिष विज्ञान में दूसरा और बारवा भाव नेत्रों को दर्शाता है। आंखों के आकार को देखकर बहुत कुछ व्यक्ति के बारे में जाना जा सकता है।

बड़ी आंखों वाले आकार

बड़ी-बड़ी आखों वाले आत्मविश्वासी तथा फुर्ती से भरे होते हैं। जिद्दी तथा गर्म मिजाज का होना इनका स्वभाव होता है। वे बिना झिझके किसी से भी आसानी से बात कर लेते हैं तथा जल्द ही गहरा मेलजोल बढ़ा लेते हैं। खोज-बीन तथा जिज्ञासा की आदत इन्हें कई विषयों का जानकार बनाती है। वे अपने आगे किसी को टिकने नहीं देना चाहते-| न सुनना इनको शीघ्र क्रोेधित कर देता है। वे दोहरी जिंदगी जीते हैं। वे अपने जीवन में अध्ययन या शुभ कार्यों में लगे रहते हैंभाग्य इनका किसी भी तरह साथ देता रहता है। देरसबेर इनकी मेहनत जरूर रंग लाती है। जरूरत से ज्यादा समझदार तथा चालाक प्रवृत्ति के कारण यह अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण वस्तुएं, या मित्र आदि खो देते हैं। ये सबकी सुनते हैं, परंतु करते अपने मन की हैं। लोगों को आकर्षित करना, अपनी बात को मनवाना तथा काम निकलवाने का हुनर इनमें बखूबी होता है। या तो ये जीवन को बहुत ही संजीदगी से लेते हैं, या फिर बिलकुल लापरवाह होते हैं, जिसकी वजह से ये कई अवसर अपने हाथ से गंवा देते हैं|इनकी आंखों में भाव की अधिकता इतनी होती है कि सामने वाला हर झूठ को भी सच समझ लेता है। ये अपने जीवन में कई बार इतने उलझ जाते हैं कि स्वयं नहीं तय कर पाते कि क्‍या करें, या न करें। इनका सामाजिक दायरा बहुत विस्तृत होता है। फिर भी ये एकाकीपन में विचरण करते हैं,
जिसकी वजह से या तो ये अध्यात्म की ओर मुड़ कर अपना जीवन सफल बनाते हैं, या फिर, चिंता तथा हीन भावना के कारण, मनोरोग पेदा कर लेते हैं।

मध्यम आकार की आंखें वाले

यदि आंखे मध्यम (न ज्यादा बड़ी, न ज्यादा छोटी) हैं, तो जीवन का सार तथा प्रभाव विचित्र एवं निराला होगा। जीवन परिवर्तनों तथा आकस्मिक घटनाओं से ओतप्रोत रहेगा। संघर्ष के बाद ही फल की प्राप्ति होगी। अपनी मूलभूत आवश्यकताओं तथा ऐशोआराम के शौक पूरे करने के लिए समय-समय पर वक्त से समझौते करने पड़ेंगे। साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास इनकी खूबी होगी तथा आलस, जल्दबाजी और मजबूरियां इनकी कमजोरी होगी। ये अपना काम स्वयं करने में विश्वास रखते हैं तथा किसी की बात को तब तक नहीं मानते, जब तक स्वयं अनुभव नहीं कर लेते। ये लोग अपनी जिंदगी में कई बार, या तो मानसिकता के कारण, या भावुकता के कारण अपने पैरों पर खुद क॒ल्हाड़ी मारते हैं तथा समय व्यर्थ गंवा कर पछताते हैं। इनके भीतर सकारात्मकता तथा ऊर्जा का भंडार होता है। पर यदि में इसका उपयोग करें, तो आकाश को भी छू आते हैं। कई बार ये अपनी उलझने. , खुद पैदा करते हैं और फंसते हैं।यदि ये कुछ करने पर आ जाएं, तो अपने बलबूते पर बड़े-से बड़े असामान्य तथा असंभव कार्य भी कर सकते हैं। ये खुल कर, इच्छा अनुसार, मन की पूरी करने से चूक जाते हैं तथा अपनी जरूरतों एवं जिम्मेदारियों में उलझ कर रह जाते हैं| इनके जीवन में कई बार ऐसी घटनाएं घटती हैं, जिनकी वजह से इनका पूरा जीवन परिवर्तित हो जाता है और आगे का जीवन सुख-शांति से गुजरता है। बातों ही बातों में ये सामने वाले से राज उगलवा लेते हैं तथा उन्हें अपना बनाने की सामर्थ्य रखते हैं।

छोटी आंखें – बताया जाता है कि जिन लोगों की आंखें छोटी होती हैं वह बहुत गुस्सैल होते हैं। वह लोग दिल के साफ होते हैं। इन लोगों को सही-गलत का फैसला लेने के बाद ही जीवन में कोई निर्णय लेना पसंद होता है। ऐसे लोग किसी का बुरा नहीं करना चाहते हैं। लेकिन कई बार समाज को देखते हुए यह उनमें ढलने की कोशिश करते हैं।

गोल आंखें – कुछ लोगों की आंखें गोल आकार की होती हैं। सामान्य तौर पर जिस तरह नवजात शिशुओं की आंखें दिखती हैं इन लोगों की आंखें भी इसी प्रकार गोल होती हैं। कहते हैं कि यह लोग मन के बहुत भोले होते हैं। इन्हें किसी भी व्यक्ति से ईर्ष्या, घृणा या नफरत का भाव नहीं रहता है। माना जाता है कि ऐसे लोग हमेशा अपने मन में किसी का भला करने का ही सोचते रहते हैं। यह लोग ज्यादातर लोगों के पसंदीदा होते हैं।

एक चोटी और दूसरी बड़ी आंख

एक आंख थोड़ी छोटी होती है ऐसी आंखों वाले लोगों का जीवन बड़ा ही संघर्षशील होता है। इनकी जिंदगी में उतार-चढ़ाव बना रहता है। आर्थिक स्थिति भी डामाडौल बनी रहती है। कभी- कभी तो बहुत पैसा आता है, चारों तरफ से तरक्की के साधन खुले रहते हैं तो कई बार ऐसा होता है कि पैसों की बहुत कमी बनी रहती है।हजार कोशिशों के बाद भी पैसों की तंगी से छुटकारा नहीं मिल पाता। इस तरह जीवन में कभी असफलता तो कभी सफलता का चक्र बना रहता है, लेकिन एक बात यहां ठीक है कि बहुत समय तक इनकी एक जैसी स्थिति नहीं रहती बल्कि उसमें बदलाव होते रहते हैं।

सर्दी के मौसम में ठंड तासीर वाली चीजें आंखों के लिए नुकसानदेह है। बदलते मौसम में अधिक प्रकोप एलर्जी का होता है। जिसमें आंखों का लाल होना, दोनों आंखों से आंसू आना, आंखों में किरकिराहट महसूस होना प्रमुख लक्षण है। सर्दी के मौसम में ठंड तासीर वाली चीजों व एलर्जी से बचाव कर लिया जाए तो आंखों की अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. मिताली आत्रेय वशिष्ठ, MBBS,MS, FICO, FMR, MAIOS ने जानकारी देते हुए बताया की सर्दी के मौसम में एवं अत्यधिक ठंडे स्थानों पर रहने से आंखों में ड्रायनेस जैसी स्वास्थ्य समस्या आम होती हैं।हवा के सीधे संपर्क में आने या हीटर के एकदम पास बैठने से आंखों की नमी कम हो जाती है। जिससे आंखों में ड्रायनेस होती है। इसके अलावा ड्राइविंग के दौरान या कहीं धुआं या धूल में घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा लगाएं। या कम्प्यूटर पर काम करने के दौरान बीच-बीच में आर्टिफिशियल टियर ड्रॉप आंख में डालें ।

ध्यान रखें – घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा लगाएं। आंखों की सेहत के लिए विटामिन-ए और ओमेगा-थ्री एसिड तत्त्व से भरपूर चीजें खाएं। जैसे अलसी, अखरोट, रंगबिरंगी सब्जियां व फल आदि।